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Thursday, August 6, 2026

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एक वर्षीय स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया का पहला चरण शुरू कर दिया है। विश्वविद्यालय ने पहले दौर का सीट आवंटन जारी कर दिया है और जिन अभ्यर्थियों को सीट आवंटित हुई है, वे 6 अगस्त 2026 की रात 11:59 बजे तक अपनी सीट स्वीकार कर सकते हैं। इसके लिए अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय के आधिकारिक डीयू पीजी एडमिशन पोर्टल पर लॉगिन कर निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एक वर्षीय स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया का पहला चरण शुरू कर दिया है। विश्वविद्यालय ने पहले दौर का सीट आवंटन जारी कर दिया है और जिन अभ्यर्थियों को सीट आवंटित हुई है, वे 6 अगस्त 2026 की रात 11:59 बजे तक अपनी सीट स्वीकार कर सकते हैं। इसके लिए अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय के आधिकारिक डीयू पीजी एडमिशन पोर्टल पर लॉगिन कर निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यह पहली बार है जब राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत शुरू किए गए एक वर्षीय पीजी कार्यक्रमों के लिए नियमित रूप से सीट आवंटन की प्रक्रिया संचालित की जा रही है।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, एक वर्षीय पीजी पाठ्यक्रम उन विद्यार्थियों के लिए तैयार किए गए हैं जिन्होंने चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (एफवाईयूपी) या उसके समकक्ष योग्यता पूरी की है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को कम समय में गुणवत्तापूर्ण स्नातकोत्तर शिक्षा उपलब्ध कराना और उन्हें शोध, उच्च शिक्षा तथा रोजगार के लिए बेहतर अवसर प्रदान करना है। डीयू ने इस नई व्यवस्था को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप लागू किया है, जिससे उच्च शिक्षा प्रणाली को अधिक लचीला और आधुनिक बनाया जा सके।

पहले चरण के सीट आवंटन के बाद अभ्यर्थियों को निर्धारित समय के भीतर अपनी सीट स्वीकार करना अनिवार्य होगा। यदि कोई छात्र तय समय सीमा तक सीट स्वीकार नहीं करता है, तो उसकी आवंटित सीट स्वतः निरस्त मानी जा सकती है और उसे अगले पात्र अभ्यर्थी को आवंटित कर दिया जाएगा। इसलिए विश्वविद्यालय ने सभी विद्यार्थियों को समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।

सीट स्वीकार करने के बाद संबंधित विभाग या संकाय द्वारा अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन सफल होने पर विद्यार्थियों को प्रवेश शुल्क जमा करने का अवसर मिलेगा। निर्धारित समय में शुल्क जमा करने के बाद ही प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी। यदि किसी छात्र द्वारा शुल्क समय पर जमा नहीं किया जाता है, तो उसका प्रवेश रद्द किया जा सकता है।

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और सभी चरण आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही संपन्न होंगे। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अनधिकृत वेबसाइट या सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें तथा केवल विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों का ही पालन करें।

एक वर्षीय पीजी कार्यक्रमों में विभिन्न संकायों के अनेक विषय शामिल किए गए हैं। इनमें कला, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, वाणिज्य तथा अन्य विषयों के पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को कम अवधि में उन्नत स्तर की शिक्षा प्रदान करना है ताकि वे शोध, प्रतियोगी परीक्षाओं, शिक्षण तथा उद्योग जगत में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एक वर्षीय पीजी पाठ्यक्रम उच्च शिक्षा में बड़ा बदलाव साबित हो सकते हैं। इससे उन विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा जिन्होंने चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम पूरा किया है और वे कम समय में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त करना चाहते हैं। इससे छात्रों का एक वर्ष बचेगा और वे जल्दी शोध, पीएचडी, रोजगार या अन्य पेशेवर क्षेत्रों में आगे बढ़ सकेंगे।

डीयू प्रशासन ने सभी आवेदकों से कहा है कि वे अपने लॉगिन पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट देखते रहें। यदि किसी छात्र को पहले दौर में सीट नहीं मिली है, तो वह आगामी आवंटन चरणों का इंतजार कर सकता है। विश्वविद्यालय आवश्यकता के अनुसार अगले चरणों की सीट आवंटन सूची भी जारी करेगा, जिसमें रिक्त सीटों के आधार पर नए आवंटन किए जाएंगे।

प्रवेश प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों को अपने सभी आवश्यक दस्तावेज, जैसे स्नातक की अंकतालिका, डिग्री प्रमाणपत्र, पहचान पत्र, श्रेणी प्रमाणपत्र (यदि लागू हो) तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने की सलाह दी गई है। किसी भी दस्तावेज में त्रुटि या अधूरी जानकारी मिलने पर प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

विश्वविद्यालय का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू किए गए ये एक वर्षीय पीजी कार्यक्रम भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इन कार्यक्रमों से विद्यार्थियों को आधुनिक पाठ्यक्रम, शोध के बेहतर अवसर और रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्राप्त होगी।

डीयू में प्रवेश पाने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए यह महत्वपूर्ण चरण है। जिन अभ्यर्थियों को पहले दौर में सीट आवंटित हुई है, उन्हें 6 अगस्त 2026 की रात 11:59 बजे तक सीट स्वीकार करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद दस्तावेज सत्यापन और शुल्क भुगतान के चरण पूरे किए जाएंगे। विश्वविद्यालय ने सभी छात्रों से समय-सीमा का पालन करने और प्रवेश से जुड़ी प्रत्येक सूचना के लिए नियमित रूप से डीयू पीजी एडमिशन पोर्टल पर नजर बनाए रखने की अपील की है।


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