समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सी. पी. राधाकृष्णन ने भाग लिया, जबकि दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू विशिष्ट अतिथि रहे। यह आयोजन इग्नू के मुख्यालय के अलावा देश के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित हुआ।उपराष्ट्रपति ने मेधावी विद्यार्थियों को पीएचडी डिग्री और स्वर्ण पदक प्रदान करते हुए इग्नू की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इग्नू ने देश के दूर-दराज क्षेत्रों तक शिक्षा पहुंचाकर सामाजिक बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि उपराष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 1985 से इग्नू का सफर वास्तव में उल्लेखनीय रहा है। इसने कामकाजी व्यक्तियों, दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों, आर्थिक रूप से वंचित शिक्षार्थियों और महिलाओं सहित सभी वर्गों को सीखने के अवसर प्रदान किए हैं।उन्होंने कहा कि इग्नू एक संस्था के रूप में शिक्षा प्रदान करने, सामाजिक उत्थान और राष्ट्र की प्रगति में गहरी भूमिका निभा रहा है। विश्वविद्यालय के निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इग्नू अब केवल ‘दूरस्थ शिक्षा प्रणाली’ नहीं रहा, बल्कि यह ‘सबसे नजदीकी शिक्षा प्रणाली’ बन गया है। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा में विश्वविद्यालय की उल्लेखनीय उपलब्धि की सराहना करते हुए बताया कि दीक्षांत समारोह में 56 प्रतिशत स्नातक महिलाएं थीं, जबकि 61 प्रतिशत विद्यार्थी ग्रामीण भारत से और 58 प्रतिशत से अधिक वंचित वर्गों से जुड़े थे।शिक्षा में तकनीकी प्रगति का समर्थन करते हुए उन्होंने सभी को जवाबदेही और नैतिकता के साथ वैज्ञानिक विकास को अपनाने के लिए प्रेरित किया। अंत में उन्होंने कहा कि हमारा ज्ञान हमारी पीढ़ियों के सामाजिक उत्थान में सहायक है और हमारे देश को विकसित भारत बनाने के सपने को साकार करने में मदद करता है। उन्होंने दीक्षांत समारोह में छात्रों को पीएचडी डिग्री और स्वर्ण पदक भी प्रदान किए।
समारोह के दौरान 17 ‘स्वयं प्रभा’ स्टूडियो, इग्नू प्रोफाइल 2026 और एक नया एलुमनाई पोर्टल भी लॉन्च किया गया। ये पहल डिजिटल शिक्षा को मजबूत करने और देशभर के विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री पहुंचाने में सहायक होंगी। एलुमनाई पोर्टल के माध्यम से लगभग 53 लाख पूर्व छात्र एक मंच पर जुड़ सकेंगे।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि तेजी से बदलती तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में सीखना कभी नहीं रुकना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को ईमानदारी, मेहनत और समाज के प्रति जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी।
इग्नू की कुलपति उमा कांजीलाल ने कहा कि विश्वविद्यालय हर वर्ग और आयु के विद्यार्थियों को शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भारतीय भाषाओं और ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय का रिपोर्ट कार्ड भी प्रस्तुत किया।
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